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वृक्ष पूजन से लाएं घर में सुख-समृद्धि और शांति

गीता में भगवान श्री कृष्ण कहते हैं,\" मैं वृक्षों में पीपल हूं। सूर्योदय होने पर पीपल पर दरिद्रता निवास करती हैं और सूर्योदय के उपरांत लक्ष्मी जी। मान्यता है की जिस घर में पीपल का वृक्ष होता है उस घर में लक्ष्मी सदा निवास करती हैं। जैसे-जैसे पीपल में बढ़ौतरी होती है वैसे-वैसे घर में सुख-सौभाग्य बढ़ता है। यदि आपके घर में पीपल वृक्ष नहीं है तो मंदिर अथवा किसी चौरस्ते पर जाकर प्रतिदिन विधि-विधान से पीपल का पूजन करें।गीता में पीपल की उपमा शरीर से की गई है। \'अश्वत्थम् प्राहुख्‍ययम्\' अर्थात अश्वत्‍थ (पीपल) का काटना शरीर-घात के समान है। वैज्ञानिक दृष्टि से भी पीपल प्राणवायु का केंद्र है। यानी पीपल का वृक्ष पर्याप्त मात्रा में कार्बन डाई ऑक्साइड ग्रहण करता है और ऑक्सीजन छोड़ता है। सूर्योदय होते ही पवित्र जल में गाय का दूध, तिल और चंदन मिला कर पीपल पर चढ़ाएं। धूप-बत्ती, दीप और प्रसाद चढ़ाएं। फिर पेड़ की छाया में आसन बिछाकर बैठें अथवा खड़े होकर मंत्र जप करें।मंत्र- मूलतो ब्रह्मरूपाय मध्यतो विष्णुरूपिणे। अग्रत: शिवरूपाय वृक्षराजाय ते नम:।। आयु: प्रजां धनं धान्यं सौभाग्यं सर्वसम्पदम्। देहि देव महावृक्ष त्वामहं शरणं गत:।। मंत्र जाप के उपरांत प्रसाद बांट दें थोड़ा प्रसाद घर ले जाएं पारिवारिक सदस्यों को प्रसाद बांटने के बाद स्वयं भी प्रसाद ग्रहण करें। पीपल की जड़ पर अर्पित थोड़ा सा जल घर ले जाकर छिड़कें। इससे घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। 

News Posted on: 11-03-2015
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