सऊदी अरब में शिया मस्जिद में आत्मघाती बम विस्फोट, 4 लोगों की मौत, 18 घायल                                                 पाक में मौजूद आतंकियों के सुरक्षित पनाहगाह समस्या पैदा कर रहे: अमेव्यापारी नेता मिले मंत्री गोप जी सेरिकी जनरल                                            पूर्वी रूस में 7.0 तीव्रता का भूकंप, सुनामी का खतरा नहीं

भूमि, भवन और वाहन की इच्छा पूर्ण करेगा ये मंत्र

सुशील नाम का एक निर्धन ब्राह्मण रहता था। देवताओं और अतिथियों की पूजा करने के पश्चात अपने आश्रितजनों को खिला कर ही वह स्वयं भोजन ग्रहण करता था। इतना दुखी होने पर भी वह दूसरों की सहायता को सदा तत्पर रहता था। एक बार उसके घर के निकट सत्यव्रत नामक एक तेजस्वी ऋषि आकर ठहरे। मंत्रों और विद्याओं का उनके समान ज्ञाता आसपास दूसरा कोई नहीं था। सुशील ने सत्यव्रत को प्रणाम कर कहा, ऋषिवर! आप अति दयालु तथा अनेक शास्त्रों और मंत्रों के ज्ञाता हैं। मैं एक निर्धन व दरिद्र व्यक्ति हूं। मेरी दरिद्रता किस प्रकार समाप्त हो सकती है? धनाभाव के कारण मैं अपने कुटुम्ब को सुख नहीं दे पा रहा। मुझे उतना ही धन चाहिए जिससे मेरा परिवार सुखी हो जाए। सत्यव्रत ने सुशील को भगवती दुर्गा की महिमा समझाते हुए नवरात्रि व्रत करने का परामर्श दिया। सुशील ने सत्यव्रत से मायाबीज नामक भुवनेश्वरी मंत्र की दीक्षा ली।  तत्पश्चात नवरात्रि व्रत रखकर उस मंत्र का नियमित जप आरंभ कर दिया। उसने भगवती दुर्गा की श्रद्धा और भक्तिपूर्वक आराधना की। भगवती ने प्रसन्न होकर सुशील के सभी कष्टों को दूर कर दिया और उसे धन-सम्पदा और सुख-समृद्धि प्रदान की। श्रीमहालक्ष्मी का एक नाम रोहिणी भी है। धूमावती ज्येष्ठा हैं, कमला लक्ष्मी की कनिष्ठा हैं। कमला साधना के लिए श्री महालक्ष्मी अथवा कमला देवी का चित्र सामने रख लें। घर के एक कोने में पूजा-स्थान बनाया जा सकता है। पूजा का आरंभ किसी शुभ मुहूर्त में करें। चित्र की पूजा करें। 

भुवनेश्वरी मंत्र-ह्नीं भुवनेश्वरीयै ह्नीं नम:।
भूमि, भवन, वाहन सुख के लिए भुवनेश्वरी देवी की आराधना करें। स्फटिक की माला से ग्यारह माला प्रतिदिन जप करें।

News Posted on: 18-06-2015
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