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WGC ने कहा, कंज्यूमर्स को अब गोल्ड खरीदना चाहिए

कोलकाता ] पिछले कुछ दिनों में सोना काफी सस्ता हुआ है, लेकिन यह ट्रेंड ज्यादा समय तक नहीं रहेगा। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने इस बात का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले समय में कंज्यूमर पोर्टफोलियो में गोल्ड का अहम रोल होगा। गोल्ड काउंसिल के इंडियन बिजनेस के मैनेजिंग डायरेक्टर सोमसुंदरम पी आर ने कहा कि इसके दाम में गिरावट कब थमेगी, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है लेकिन सोने की फिजिकल डिमांड इंडिया और चीन में शर्तिया बढ़ेगी।उन्होंने कहा, 'यह देखना अहम होगा कि चीन के हालात कैसे रहते हैं और डॉलर की चाल क्या रहती है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से इंटरेस्ट रेट बढ़ाए जाने की चर्चा कुछ समय से चल रही है लेकिन अभी तक तो कुछ नहीं हुआ है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इसका गोल्ड पर क्या असर होगा। जहां तक कंज्यूमर्स की बात है तो उनके लिए मौजूदा लेवल पर खरीदारी करना सही होगा।'सोने का भाव पिछले दो हफ्ते में 27000 रुपये प्रति 10 ग्राम से घटकर लगभग 25,000 रुपये पर आ गया है। काउंसिल ने गुरुवार को इंडिया में गोल्ड हॉलमार्किंग को बढ़ावा दिए जाने पर बनी रिपोर्ट जारी की। उसने मार्केट के फ्यूचर ग्रोथ के लिए रोडमैप जारी किया है। इसमें हॉलमार्किंग का मजबूत सिस्टम और कामयाब गोल्ड मॉनेटाइजेशन सिस्टम बनाने पर जोर दिया गया है। सोमसुंदरम ने कहा, 'देश में 399 हॉलमार्किंग सेंटर हैं, लेकिन इन यूनिट्स के प्रोसेसिंग मेथड्स में समानता नहीं है।'रिपोर्ट के मुताबिक इंडियन गोल्ड मार्केट में बढ़े कॉन्फिडेंस से गोल्ड एक्सपोर्ट 2020 तक मौजूदा 8 अरब डॉलर से बढ़कर 40 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है और यह कॉन्फिडेंस सख्त और देश भर में एक जैसी मॉनेटाइजेशन स्कीम पैदा कर सकती है। इंडिया में 2000 में ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने हॉलमार्किंग स्टैंडर्ड पेश किया था। तब से उसको हॉलमार्किंग सिस्टम डिवेलप करने में थोड़ी सी कामयाबी मिली है। लेकिन सिर्फ 30 पर्सेंट गोल्ड ज्वैलरी की ही हॉलमार्किंग हो रही है। इसमें भी प्योरिटी में बड़ा फर्क और 10 से 15 पर्सेंट का अंडर कैरेटेज होता है।गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि देशभर में BIS की मान्यता वाले हॉलमार्किंग सेंटर की कमी से गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम को लागू करने में सरकार की कामयाबी पर नेगेटिव असर हो सकता है। इस स्कीम की कामयाबी गोल्ड गिरवी रखे जाने पर मिलने वाली कीमत पर डिपेंड करती है।सोमसुंदरम ने कहा कि देश भर में बड़ी संख्या में हॉलमार्किंग सेंटर्स का होना भरोसेमंद हॉलमार्किंग सिस्टम की कामयाबी के लिए जरूरी है। यह गोल्ड ज्वैलरी इंडस्ट्री और कामयाब मॉनेटाइजेशन स्कीम के कार्यान्वयन के लिए भी जरूरी है। ज्वैलरी के लिए हॉलमार्किंग, फाइनेंशियल सर्विसेज फर्म्स के 'नो योर कस्टमर' नॉर्म्स जैसा है। यह ज्वैलरी इंडस्ट्री की कामयाबी के लिए जरूरी है क्योंकि कंज्यूमर पारदर्शिता, क्वॉलिटी और नियमितता चाहता है। ये चीजें कंज्यूमर में भरोसा पैदा करने के लिए जरूरी हैं।

News Posted on: 31-07-2015
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